Pariyon Ki Kahani in Hindi PDF Free / परियों की कहानी फ्री डाउनलोड करें।

Pariyon Ki Kahani in Hindi PDF Free / परियों की कहानी फ्री डाउनलोड करें।

Pariyon Ki Kahani in Hindi PDF Free मित्रों यह परियों की कहानी है। आप परियों की कहानी नीचे की लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं।
एक गांव में एक लड़की अपने माता-पिता के साथ रहती थी। उस लड़की का नाम प्रिया था। वह बहुत समझदार थी और अपनी मां के कामों में हाथ बताते थी और उसके पिता खेती बाड़ी का काम करते थे और उनका जीवन खुशहाली से चल रहा था।
रिया को परियों की कहानी सुनना और पढ़ना बहुत ही पसंद था। वह हमेशा परियों के बारे में सोचती रहती थी और रात को जब तक व परियों की कहानी सुन ना ले उसे नींद नहीं आती थी।
वह  सोचती थी कि काश मैं भी परियों से मिल पाती और उनसे बातें कर पाती तो कितना अच्छा होता।  एक दिन  रिया कहीं बाहर गई थी और जब वह लौटकर आई तो उसने देखा कि उसके माता – पिता  कुछ बातें कर रहे थे।

उसके पिताजी कह रहे थे कि इस साल  फसल अच्छी नहीं हुई है और इस बार हमें खाने की भी दिक्कत हो सकती है। यह सुन कर रिया बहुत उदास होती है।

 

 

 

 

वह सोचती है काश मैं अपने मम्मी पापा की मदद कर पाती।  एक दिन की बात है प्रिया अपने मम्मी पापा के साथ एक मंदिर में गई थी और मंदिर के दर्शन के बाद जब वह गांव वापस लौटने लगे तो उसने सुंदर-सुंदर तितली देखी और उसके पीछे पीछे भागने लगी  और अपने मम्मी पापा से बिछड़ गई।

 

 

 

 

भागते – भागते वह  एक सुंदर बाग में पहुंच गई। उसने ऐसा बाग़ कभी नहीं देखा था। खूब सुंदर सुंदर फूल खिले हुए थे और उनमें खूबसूरत सुगंध आ रही थी।

 

 

 

जब वह  थोड़ा और अंदर गई तो एक लोहे का गेट लगा था जो कि खुला था। वह उसके अंदर चली गई उसके अंदर जाते ही व लोहे का गेट अपने आप बंद हो गया।

 

 

 

वह डर गई, लेकिन वहां इतनी खूबसूरत और सुगंधित फूल थे कि वह उसमे खो गई और उसे पता भी नहीं चला कि कब शाम हो गई।

 

 

शाम होने पर उसे एहसास हुआ कि उसे घर जाना है और वह घर का रास्ता भूल चुकी है। यह सोच कर रिया  परेशान हो जाती है, तभी  क्या देखती है कि आसमान से कई सारे उड़न खटोले आते हैं।

 

 

 

उड़न खटोला देखकर वह डर जाती है और एक पेड़ के पीछे छुप जाती है। उसके बाद  सभी उड़न खटोला में से परियां निकलती है।

यह देखकर प्रिया एकदम आश्चर्यचकित रह जाती है। उसकी आंखें फटी की फटी रह जाती है।  वह सोचती है कि इस बाग़ में परी आती है यह तो मुझे पता ही नहीं था और यह किस गांव में है यह भी मुझे नहीं पता था।

 

 

 

प्रिया यह सोच रही होती है कि वहां पर एक परी आती है और कहती है प्रिया चलो तुम्हें रानी परी ने बुलाया है। यह सुनकर रिया घबरा जाती है।

 

 

 

वह घबराते हुए रानी परी के पास जाती है तो रानी परी कहती  है प्रिया तुम तो हमसे मिलना चाहती थी ना। चलो हम सब साथ में खेलेंगे।

 

 

 

प्रिया खुश हो जाती है और वह सोचती है, ” अरे वाह ! परियों को तो सब कुछ पता है। ”  उसके बाद वह उनके साथ खेलने लगती है।

 

 

 

खेलते खेलते अचानक से उसे याद आता है कि उसके माता-पिता तो परेशान हो रहे होंगे। वह परी  से बोलती है, ” रानी परी – रानी परी मुझे अब घर जाना चाहिए।  मेरे मम्मी पापा मुझे ढूंढ रहे होंगे। लेकिन मुझे रास्ता पता नहीं है। मैं तो बिछड़ गई थी।  ”

 

 

 

रानी परी कहती है, ”  कोई बात नहीं।  मैं तुम्हें घर पर छोड़ दूंगी, लेकिन तुम्हें हमारी एक मदद करनी होगी।  ”

 

 

 

” कैसी  मदद और मैं भला क्या कर सकती हूं ? मैं तो  छोटी सी  हूँ ना।  ” रिया ने कहा। तब रानी परी मुस्कुराते हुए बोली, ”  अपने घर से बस थोड़े से चावल देने होंगे। हम अपनी दादी परी का इलाज कर पाएंगे और वह चावल किसी ऐसे मानव के पास से  मिलना चाहिए जो नेक दिल हो और तुम बहुत ही नेक दिल हो। ”

 

 

 

रिया ने कहा, ” ठीक है। ” उसके बाद सभी परियां वहां से उड़ जाती है और रिया  को उसके घर पर छोड़ देती है और वह वहां इंतजार करने लगती है।

 

 

 

जब रिया  घर पर जाती है तो उसकी मम्मी पापा उसे देख कर कहते हैं, ”  तुम कहां रह गयी थी ? ह हम तुम्हें बहुत ढूंढ रहे थे।  ”

 

 

 

तब रिया ने कहा, ” मैं आपको सबकुछ बताउंगी।  पहले मुझे  10 अक्षत चावल दो। मुझे परियों को देना है। ”

 

 

रिया के माता – पिता आश्चर्यचकित रह जाते हैं, लेकिन वे चावल दे देते हैं। उसके बार रिया वह चावल  परियों को देती है।  उसके बाद रानी परी रिया को एक रुमाल देते हुए कहती हैं, ”  यह लो। यह एक जादुई रुमाल है।  इस जादुई रुमाल से तुम जो कुछ मांगोगी, वह मिलेगा। तुम्हारी हर ख्वाहिश पूरी हो जाएगी। ”

 

 

 

रिया उन्हें धन्यवाद करती है और आकर अपने माता-पिता को सारी बात बताती है। उसके बाद उसके माता-पिता उस रुमाल से कई सारा सामान माँगते  हैं। सब उन्हें मिल जाता है। उनके खेतों में अच्छा अनाज लगता है और बहुत अच्छी फसल होती है और उसके बाद सभी खुशी से और सुखी पूर्वक रहने लगते हैं।

 

 

 

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