Best 42 Panchatantra Stories in Hindi PDF Free Download

Best 42 Panchatantra Stories in Hindi PDF Free Download

Panchatantra Stories in Hindi PDF  मित्रों इस पोस्ट में  Panchatantra Ki Kahaniya in Hindi Book PDF  दी गयी हैं।  आप यहां से पंचतंत्र की कहानी फ्री डाउनलोड Panchatantra ki Kahani in Hindi PDF  कर सकते हैं।

 

 

 

Panchatantra Stories PDF ( खरगोश की कहानी ) 

 

 

 

एक जंगल में एक सफेद खरगोश रहता था। उसे अपने खूबसूरती पर बहुत ही घमंड था, और वह प्रायः सभी जानवरों की बेइज्जती करता था। उसे एक टीले पर काला कौवा बैठा हुआ दिखाई दिया।

 

 

 

 

खरगोश वहां पहुंचा और कौवे को डांटते हुए बोला, “अरे काले कौवे तू इधर-उधर दौड़ कर कांव-कांव करता रहता है। क्या तुझे कोई काम धंधा नहीं है ? देखता नहीं है मैं कितना सुंदर हूँ। हमारे जैसा इस जंगल में कोई नहीं है।”

 

 

 

 

 

यह बात एक लोमड़ी सुन रही थी। उसने खरगोश से कहा, “इतनी डींग मत हांको।” तो खरगोश भी उसे डांटकर भगा दिया। लोमड़ी ने सोचा इसे सबक सिखाना चाहिए।

 

 

 

 

 

वह अपने मित्र हाथी और बंदर को बुला लायी। बंदर आते ही बोला, “क्यों खरगोश तुम्हे बहुत घमंड है। अपनी खूबसूरती का, तो बताओ तुम हमारे जैसा पेड़ पर उछलकर पेड़ पर चढ़ सकते हो ?”

 

 

 

 

तभी हाथी बोला, “क्या तुम्हारे पास हमारे जैसी ताकत है। बोलो ?” यह बात सुनकर खरगोश को अपनी गलती का एहसास हो गया था। उस दिन के बाद उसने सबसे मिलकर रहना सीख लिया।

 

 

 

2- Panchatantra Books in Hindi – सुंदर वन में सभी जानवर हिल-मिलकर रहते थे। एक दिन कही से एक शेर सुंदर वन में आया वहां उसने देखा सभी पशु स्वस्थ और सुगठित शरीर वाले है। वह उन पशुओ को रोज मारकर भोजन कर खाने लगा।

 

 

 

 

सभी जानवरो ने आपस में विचार किया और शेर के पास जाकर बोले, “महाराज, आप इस तरह हम सभी का शिकार करेगे तो सभी जानवर एक दिन समाप्त हो जाएगे।”

 

 

 

 

खरगोश बोला, “हम लोगो ने एक विचार बनाया है।”

 

 

 

 

इसपर शेर ने कहा, “क्या विचार बनाए हो तुम लोग हमें जल्दी बताओ ?”

 

 

 

 

 

छोटू खरगोश बोला, “हममे से प्रत्येक जानवर आपके पास पहुँच जाया करेगा और आप उसे खा लेना।”

 

 

 

 

 

शेर बोला, “ठीक है। अगर किसी ने चालाकी दिखाई तो मैं सभी को एक तरफ से धनद दूंगा।”

 

 

 

 

 

अब रोज ही एक जानवर शेर के पास जाता था और शेर को बिना परिश्रम किए ही भोजन प्राप्त हो जाता था। एक दिन छोटू खरगोश की बारी आई। वह जानबूझ कर देर से शेर के पास पहुंचा।

 

 

 

 

शेर ने गर्जना करते हुए कहा, “तुम इतनी देर से क्यूं आए हो। तुम्हे खाकर तो हमारी भूख भी नहीं मिटेगी ?”

 

 

 

 

 

छोटू खरगोश ने डर का अभिनय करते हुए बोला, “महाराज, एक शेर ने हमारा रास्ता रोक लिया था। मैं बड़ी मुश्किल से पीछा छुड़ाकर ही आपके पास आया हूँ।”

 

 

 

 

शेर ने गुस्से में लाल-पीला होते हुए कहा, “इस जंगल में हमसे ज्यादा ताकतवर कौन है जो तुम्हे रोक रहा था।”

 

 

 

 

 

छोटू खरगोश बोला, “महाराज आप हमारे साथ चलो मैं दिखाता हूँ आपको।”

 

 

 

 

 

शेर उस खरगोश के साथ-साथ एक कुंए पर आया। खरगोश बोला, “महाराज इस कुंए में जो शेर है वही आपको चुनौती दे रहा था।”

 

 

 

 

 

शेर ने कुंए में देखा तो उसे अपनी परछाई नजर आई। शेर ने कुंए में उस परछाई को मारने के लिए छलांग लगा दिया और कुंए के पानी में डूबकर मर गया। सुंदर वन के सभी जानवर चैन से रहने लगे। खरगोश ने अपनी चालाकी से अन्य जानवरो को बचा लिया और खुद भी बच गया।

 

 

 

3- Panchtantra Hindi Story Download – एक पेड़ पर चार बंदर रहते थे। पेड़ के बगल में ही एक तालाब था। उस तालाब पर एक भेड़िए ने अपना डेरा बना रखा था। वह किसी भी जानवर को पानी नहीं पीने देता था।

 

 

 

 

चारो बंदर प्यास से बहुत ही परेशान थे। सभी एक साथ बोले, “यह भेड़िया हमे पानी पीने ही नहीं देगा। अब हमे यह जंगल छोड़कर जाना होगा।”

 

 

 

 

तभी एक बंदर बोला, “यह जंगल केवल इस भेड़िए का नहीं है। इस पर हमारा भी बराबर का हक है। चलो सभी मिलकर छोटे-छोटे बांस का टुकड़ा लाकर उसकी पाइप बनाएगे और पेड़ के ऊपर से ही पानी पिया करेंगे।”

 

 

 

 

चारो बंदरो ने छोटा-छोटा बांस का टुकड़ा जुटाया और उसे एक दूसरे से जोड़कर पाइप की तरह बना दिया और पेड़ पर बैठे-बैठे ही आराम से पानी पीने लगे।

 

 

 

 

यह देखकर भेड़िया हैरान हो गया। वह जब एक पाइप को पकड़ने की कोशिश करता तब दूसरा बंदर दूसरी पाइप से पानी पीने लगता।

 

 

 

 

जब वह दूसरे को पकड़ने की कोशिश करता तभी तीसरा बंदर पानी पीने के साथ ही पीछे से उस भेड़िए को मार देता था। इस तरह वह भेड़िया परेशान होकर जंगल छोड़कर चला गया।

 

 

 

अब तो उस तालाब का पानी सभी जानवरो के लिए सुलभ हो गया था।

 

 

 

 

Panchatantra ki Kahaniyan in Hindi Free Download – रामू के पास कई गाय और भैस थी। वह उनका दूध बेचकर जीवन यापन कर रहा था। रमेश नाम का एक बड़ा तबेले वाला रामू के बगल में रहता था।

 

 

 

 

एक दिन रामू दूध बेचकर आ रहा था। तब उसे नदी में एक भैस के चिल्लाने की आवाज सुनाई पड़ी। वह जाकर देखा तो वह भैस रमेश की दिख रही थी।

 

 

 

 

रामू अब रमेश के पास जाकर बोला, “तुम्हारी भैस नदी में फस गई है उसे निकाल लो।”

 

 

 

 

रमेश बोला, “वह भैस अब दूध नहीं देती है। इसलिए हमने उसे छोड़ दिया है।”

 

 

 

 

रामू बार-बार कह रहा था कि भैस निकाल लो नहीं तो मर जाएगी। तब रमेश झल्लाकर बोला, “तुम बड़े दयावान बनते हो जाकर खुद ही क्यों नहीं निकाल लेते हो।”

 

 

 

 

रामू एक आदमी की सहायता से उस भैस को अपने घर ले आया और उसकी खूब सेवा करने लगा। अब वह भैस स्वस्थ हो गई थी।

 

 

 

 

एक दिन रामू ने देखा भैस के स्तन से खूब दूध गिर रहा था। रामू उस दूध को इकट्ठा करने लगा। उसके सारे बर्तन भर गए पर दूध निकलना बंद नहीं हुआ।

 

 

 

 

तब रामू उस भैस से बोला, “अब हमारे पास और बर्तन नहीं है दूध रखने के लिए। कृपया आप दूध बंद कर दे।”

 

 

 

 

भैस ने दूध देना बंद कर दिया। अब रामू हर दिन से बहुत ज्यादा दूध बाजार में बेचने लगा और खूब पैसा वाला धनी अदमी बन गया।

 

 

 

एक दिन एक आदमी रामू से पूछा, “तुम्हारे पास इतना दूध कहां से आता है ?”

 

 

 

तब रामू बोला, “हमारे पास एक जादुई भैस है। वह ही हमे इतना सारा दूध देती है।”

 

 

 

यह बात रमेश तक पहुंच गई थी। वह देखने आया तो वही भैस थी जिसे रमेश ने नदी से बाहर निकालने से मना कर दिया था।

 

 

 

 

4- Best Panchatantra Stories in Hindi PDF – एक शिकारी अपने लिए शिकार की तलाश में जा रहा था। रास्ते में उसे एक सांप मिल गया। शिकारी ने सोचा सांप को मार दूँ। तभी सांप बोला, “तुम हमे मरोगे तो पछताओगे।”

 

 

 

 

रास्ते में एक गाय आती हुई दिखी। सांप बोला, “चलो गाय से पूछते है, अगर गाय कहेगी तो हमे मार देना।”

 

 

 

 

शिकारी ने गाय से पूछा, “क्या सांप को मार देना चाहिए ?”

 

 

 

 

गाय बोली, “नहीं मारना चाहिए। तुम सभी मनुष्य तो एकदम स्वार्थी हो। मैं तो आदमी के लिए दूध देती हूँ। हमारा दूध दवा की तरह काम करता है। लेकिन आदमी हमे बांधकर रख दिया और हमारे बछड़े के लिए भी दूध नहीं छोड़ता। यह सांप तुम्हे तो नुकसान नहीं पहुंचाया है तब तुम क्यों इसके जीने का अधिकार छीन रहे हो ?”

 

 

 

 

 

इतना कहकर गाय चली गई। तभी शिकारी बोला, “चलो पेड़ से पूछते है।”

 

 

 

 

शिकारी को भरोसा था कि पेड़ उसके पक्ष में फैसला देगा। दोनों पेड़ के पास गए। पेड़ बोला, “मैं तो मनुष्यो को मीठा फल देता हूँ, शीतल छाया देता हूँ। हमारे द्वारा ही गंदी हवा साफ होती है। लेकिन मनुष्य अपने स्वार्थ के कारण ही हमारी गर्दन काटता है। हमारे हाथ पांव तोड़ देता है। मनुष्य को यह अधिकार किसने दिया है। अपने स्वार्थ के कारण दूसरे को हानि पहुंचाओ।”

 

 

 

 

 

शिकारी को बात समझ में आ गई थी। सांप ने उसे कोई हानि नहीं पहुंचाया था तो उसे सांप का जीवन छीनने का अधिकार नहीं है। उसने सांप को मारने का इरादा छोड़ दिया। सांप खुश होकर चला गया।

 

 

 

5- Panchatantra Stories in Hindi PDF Download- एक हिरण अपने जंगल का रास्ता भूल गया था। वह भटक कर दूसरे जंगल में चला गया था। तभी उसे दूसरे जंगल में एक बारहसिंगा मिला और बोला, “लगता है तुम इस जंगल में नए हो।”

 

 

 

 

हिरण बोला, “बंधु मैं अपने जंगल का रास्ता भूल गया हूँ।”

 

 

 

 

बारहसिंगा बोला, “यहां तो बहुत ही खतरनाक जानवर रहते है, वह तुम्हे मार डालेंगे। बेहतर होगा तुम यहां से चले जाओ।”

 

 

 

 

इतना कहते हुए बारहसिंगा चला गया। हिरण सोचा अब तो मैं यहां आ ही गया हूँ। तब मैं क्यों नहीं इस जंगल को देखकर ही जाऊ।

 

 

 

 

वह जंगल में घूमने लगा। अचानक उसके पैर एक सोए हुए शेर के ऊपर पड़ गई। शेर की नींद खुल गई। शेर को देखकर हिरण डर से कांपने लगा।

 

 

 

 

शेर जोर से बोला, “तुम्हारी इतनी हिम्मत कैसे हो गई, हमारे ऊपर पैर रखने की ?”

 

 

 

 

शेर उठने वाला था। तभी हिरण अपनी जान बचाने के लिए जोर से भागा और अपने जंगल में पहुँच गया था। लेकिन शेर ने उसे पकड़ लिया और मारकर खा गया।

 

 

 

 

शेर ने देखा यह तो दूसरा जंगल है लेकिन यहां बहुत से हिरण है। अब शेर रोज एक हिरण को मारकर खाने लगा। अपनी आबादी घटती देखकर एक दिन हिरण का सरदार बोला, “हमे कुछ करना चाहिए नहीं तो यह शेर हमे समाप्त कर देगा।”

 

 

 

 

तभी एक छोटा सा हिरण बोला, “सरदार हमे 15 दिन के लिए कहीं छुप जाना चाहिए। शेर 15 दिन तक भूखा नहीं रह सकता, वह या तो भूख से मर जाएगा या फिर जंगल से चला जाएगा।”

 

 

 

 

सभी को उस छोटे से हिरण की बात पसंद आ गई थी। सभी हिरण 15 दिनों के लिए झाड़ियों में छुप गए। अब तो शेर का बुरा हाल था।

 

 

 

 

उसे तो खाने के लिए कुछ भी नहीं मिलता था। वह शेर अपने जंगल में लौट गया और सभी हिरण सुरक्षित बच गए।

 

 

 

 

 

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