Nanhi Pari ki Kahani in Hindi Written / नन्ही परी की कहानी हिंदी में

Nanhi Pari ki Kahani in Hindi Written / नन्ही परी की कहानी हिंदी में

Nanhi Pari ki Kahani in Hindi मित्रों इस पोस्ट में Nanhi Pari ki Kahani Hindi Mai दी गयी है।  यह बहुत ही अच्छी हिंदी कहानी है।

 

 

Nanhi Pari ki Kahani in Hindi Writing ( परी की कहानी हिंदी में ) 

 

 

 

एक गांव में एक लड़का था।  वह अपने माता-पिता के साथ रहता था।  उसके पिता एक मछुआरे थे। वह रोज समुद्र से मछलियां पकड़ते और उसे बाजार में लाकर बेचते थे।   इससे उनकी रोजी रोटी चलती थी।

 

 

 

सब कुछ अच्छा चल रहा था।  एक  दिन की बात है उस लड़के के पिता समुद्र में मछलियां पकड़ने के लिए गए।  उस दिन अचानक एक बहुत बड़ा तूफान आया।

 

 

 

 

उस तूफान में उसके पिताजी की नाव उस भयानक तूफ़ान में फंस गयी और उनकी मृत्यु हो गयी।  तूफान इतना बड़ा था कि वह समुद्र से बहुत आगे आते हुए बस्तियों में भारी तबाही मचाया।

 

 

 

इस भयानक सुनामी में सैकड़ों घर तबाह हुए, कईयों लोग मारे गए और बहुत लोग घायल हुए। उन घायलों में उस लडके की माँ भी थी और उनकी हालत बहुत ही खराब थी।

 

 

 

 

तमाम समाज सेवी संस्था इन घायलों का इलाज कर रही थी लेकिन उसे उसकी मां को बचाने के लिए काफी पैसों की जरूरत थी। घर में कमाने वाले केवल उसके पिताजी ही थे और उनकी मृत्यु के बाद उस लड़के के पास कोई रास्ता नहीं बचा था।

 

 

 

 

वह एक पेड़ के नीचे  बैठा रो रहा था। तभी उसके पास एक हट्टा – कट्टा  आदमी आया।  उसने उस लड़के से कहा, ” मुझे पता है तुम्हें पैसों की बहुत जरूरत है।   क्या तुम मेरी जहाज पर काम करोगे ?”

 

 

 

लड़के के पास कोई चारा न था।  उसने हां कह दिया।  वह आदमी एक समुद्री लुटेरा था जो समुद्री में आने जाने वाली छोटी  जहाजों को लूट कर उसके सभी कीमती सामान को चुरा लेता था।

 

 

 

 

एक  दिन की बात है वह लड़का और समुद्री लुटेरा रोज  की तरह  समुद्र में अपनी जहाज लेकर गए।  वह  समुद्री लुटेरा लडके को बहुत परेशान करता था।

 

 

 

 

उस समुद्री लुटेरे ने उस लडके से कहा, ” मैं अपने केबिन में सोने जा रहा हूं। तुम आने जाने वाली नाव  और छोटी जहाज़ों पर नजर रखना और जैसे ही कोई ऐसी जहाज दिखाई दे तुरंत ही मुझे सूचित करना। ”

 

 

 

 

लड़के ने हां कहा और उसके बाद वह आदमी अपनी केबिन में जाकर सो गया।  वह लड़का उदास होकर अपने नाव  पर बैठा था। तभी उसे समुद्र में कुछ हलचल सुनाई दी।

 

 

 

उसने देखा एक छोटी जलपरी जहाज के चारों तरफ घूम रही थी।  तभी जलपरी की  निगाह  उस लड़के पर पड़ी। छोटी जलपरी ने उस लड़के से पूछा तुम कौन हो ?

 

 

 

 

पहले तो वह लड़का एक मछली के इस तरह से बोलने पर आश्चर्यचकित रह गया।  उसके बाद उसने कहा मेरा नाम रॉबर्ट है और मैं एक मानव हूं और तुम कौन हो ?

 

 

 

 

नन्हीं जलपरी ने कहा मैं समुद्र की जलपरी हूं।  मुझे मानवों  के बारे में काफी कुछ पता है क्योंकि मेरी दादी जी मानवों  के बारे में बहुत कुछ मुझे बताती रहती है।

 

 

 

अच्छा यह बताओ तुम इस समुद्र में क्या करने आए हो। राबर्ट ने कहा क्या तुम असली जलपरी हो ? इसपर नन्ही जलपरी ने कहा, ” हाँ मैं असली जलपरी हूँ।  ”

 

 

 

 

 

उसके बाद राबर्ट ने अपनी पूरी बात नन्हीं जलपरी को बता दी। नन्ही  जलपरी बहुत दुखी हुई और बोली यह तो बहुत दुख की बात है कि तुम पैसों के लिए एक ऐसे आदमी के साथ काम कर रहे हो जो बहुत गलत काम करता है।

 

 

ठीक है, मैं तुम्हें अगर कुछ ऐसी चीजें दूँ जिससे तुम्हारे पैसों की जरुरत पूरी हो जाए तो क्या तुम यह काम छोड़ दोगे।  इस पर लड़के ने कहा हाँ मैं यह काम छोड़ दूंगा।

 

 

 

 

उसके बाद नन्हीं जलपरी समुद्र के नीचे की सतह पर गई और वहां से ढेर सारे मोती, सीप आदि लेकर आई और उस  खजाने को उस लड़के के हाथ में देते हुए कहा कि, ” यह खजाना उस क्रूर आदमी को दे देना  और यह बेशकीमती मोती अपने पास रख लेना। इससे तुम्हारा सब काम पूरा हो जाएगा। ”

 

 

 

 

उस लड़के ने उस जलपरी को धन्यवाद कहा और नन्ही  जलपरी वहां से चली गई।  कुछ देर बाद जब वह समुद्री लुटेरा वापस आया तो उस लड़के ने समुद्री लुटेरे को ढेर सारा खजाना देते हुए कहा कि, ” यह लो खजाना और यहां से जल्दी चलो।  मुझे अपनी मां का जल्दी इलाज कराना है। ”

 

 

 

 

उस लुटेरे ने पूछा यह  खाजाना तुम्हें कहां से मिला?  इसपर  उस लड़के ने कहा यह मैं नहीं बता सकता लेकिन अब हमें चलना चाहिए।  इसपर वह लुटेरा  बहुत गुस्सा हुआ और उसने बोला कि अगर तुम मुझे नहीं बताओगे तो मैं तुम्हें समुद्र में फेंक दूंगा।

 

 

 

डर के मारे उस लड़के ने सारी बातें बता दी।  तब  वह लूटेरा बहुत खुश हुआ और उसने बोला वह इसका मतलब है कि यहां पर बहुत सारा खजाना है और यह सोचकर वह लुटेरा समुद्र में खजाना लेने के लिए कूद पड़ा।

 

 

 

वह जैसे ही समुद्र में कूदा।  उसे  शार्क मछली का करंट लगा और वहीं पर मर गया।  उसके बाद उस लड़के ने जहाज वापस मुड़ाई और जहाज  लेकर अपने गाँव  आ गया। जहां उसने अपने मां का इलाज किया और बाकी पैसों से उसने बहुत सारे गरीबों की मदद की।

 

Moral – अगर आपकी सोच अच्छी हो तो भगवान आपकी मदद जरूर करते हैं। 

 

 

 

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