Hindi Story Of Akbar Birbal / अकबर बीरबल की कहानी इन हिंदी

Hindi Story Of Akbar Birbal / अकबर बीरबल की कहानी इन हिंदी

Hindi Story Of Akbar Birbal इस पोस्ट में Akbar Or Birbal Story in Hindi दी जा रही है। यह बहुत ही बढियाँ अकबर बीरबल की कहानी है।

 

 

 

एक बार बादशाह अकबर अपने दरबार में बैठे हुए थे । उसने शरारत बस बीरबल से पूछा, “बीरबल क्या तुम बता सकते हो हमारे राज्य में अंधे आदमियों की संख्या कितनी है ?”

 

 

 

 

बीरबल तो हाजिर जवाब थे  ही फौरन उत्तर दिया, ” जहांपनाह, आपके राज्य में अंधे आदमियों की संख्या आंख वालो से अधिक है।”

 

 

 

 

इसपर बादशाह बोले , “क्या तुम इसे साबित कर सकते हो ?”

 

 

 

 

बीरबल ने कहा, “जी हुजूर, आप हमें दो दिन का समय दीजिए। मैं साबित कर दूंगा कि अंधे आदमियों की संख्या देखने वालो से ज्यादा है।”

 

 

 

 

बादशाह ने बीरबल को दो दिन का समय दे दिया। दूसरे दिन बीरबल  दरिया के किनारे  मछली पकड़ने का जुगाड़ करने लगा तभी बीरबल की औरत आई और बोली, “घर चलिए कितने समय से मछली पकड़ने के लिए बैठे है। एक भी मछली हाथ नहीं लगी।”

 

 

 

 

अचानक से जाल में हरकत हुई।  बीरबल ने जल्दी से जाल निकाला तो उसमे जूता फंसा हुआ था। यह देखकर बीरबल की औरत हसती हुई घर चली गई। लेकिन बीरबल को एक आइडिया मिल गया था। वह बाजार के चौराहे के पास उस जूते को मरम्मत करने के लिए बैठ गया।

 

 

 

 

तभी बादशाह के दो दरबारी उधर से गुजरे। उन्होंने बीरबल से पूछा, “बीरबल क्या कर रहे हो ?”

 

 

 

बीरबल बोला, “देखते नहीं हो मैं जूते सिल रहा हूँ” और उन दोनों का नाम पूछकर अंधे आदमियों की लिस्ट में डाल दिया।

 

 

 

इसी तरह जो भी आकर बीरबल से पूछता ‘क्या कर रहे हो’  उसका नाम पूछकर बीरबल अंधे आदमियों की सूची में लिख देता था। शाम होते ही बादशाह की बेगम उधर से गुजरी तो उन्होंने भी पूछा, “बीरबल क्या कर रहे हो ?”

 

 

 

 

बीरबल ने जवाब दिया बेगम साहिबा जूते सिल रहा हूँ और उनका भी नाम अंधे की सूची में लिख दिया। यह बात बादशाह के कानो में गई तो वह भी बीरबल को देखने निकल पड़ा और बीरबल के पास आते ही बोला, “बीरबल तुम क्या कर रहे हो ?”

 

 

 

 

बीरबल ने बड़ी संजीदगी से उत्तर दिया, “जहांपनाह, मैं जूते सिल रहा हूँ।”

 

 

 

बादशाह हसते हुए चला गया। दूसरे दिन बीरबल दरबार में गया तो बादशाह ने उससे पूछा, “क्या तुमने अंधे आदमियों की गिनती कर लिया है ?”

 

 

 

 

बीरबल ने तुरंत ही जवाब दिया, “हुजूर, आप इस डायरी में अंधे आदमियों की लिस्ट देख सकते है।”

 

 

 

बादशाह वह डायरी लेकर पढ़ने लगा। उसमे बादशाह के नाम के साथ ही बेगम का भी नाम लिखा हुआ था। यहां तक कि बीरबल ने अपनी औरत का नाम भी अंधे आदमियों की सूची में लिख रखा था।

 

 

 

 

अपना नाम देखकर बादशाह गुस्से में बीरबल से बोला, “तुम्हे हमारा नाम अंधे की सूची में लिखने की हिम्मत कैसे हुई ?”

 

 

 

 

बीरबल बोला, “हुजूर, आपने हमें जूते सिलते हुए देखा तो भी पूछ लिया क्या कर हो। इसलिए मैंने आपका नाम भी लिख दिया अंधे की सूची में।”

 

 

 

 

बादशाह को अपनी गलती का एहसास हो गया था। इसलिए बीरबल की चालाकी पर इनाम भी दिया और तारीफ भी किया।

 

 

 

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