Monday, 13 July, 2020

Hindi Funny Motivational Story Pdf / बच्चों की मजेदार कहानियां हिंदी में


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Hindi Funny Motivational Story मित्रों इस पोस्ट में 4 Best Funny Motivational Stories in Hindi दी गयी हैं।  सभी हिंदी फनी कहानियां बहुत ही मजेदार हैं।  आप इसे जरूर पढ़ें। 

 

 

 

 

 

Hindi Funny Motivational Short Story ( हिंदी फनी कहानी ) 

 

 

 

 

 

मित्रों कई बार जब हम कुछ बढ़िया करने जाते हैं तो भी हमारे साथ बुरा और कभी – कभी तो अधिक बुरा हो जाता है। एक आदमी की शादी काे लगभग 20 साल होने काे आये थे, लेकिन उसने कभी भी अपनी Wife के हाथ से बने खाने की तारीफ़ नहीं की थी।

एक दिन जब वह वह अपने आफिस से घर वापस आ रहा था तब रास्ते में उसे एक बाबा मिले।  बाबा ने उससे कुछ खाना खिलाने के लिए कहा।

हिंदी मजेदार कहानी 

उस आदमी ने बाबा को खाना खिलाया।  बाबा आदमी से बड़े खुश हुए।  उन्होंने उस आदमी से कहा, ” बेटा, मैं आपसे बहुत प्रसन्न हूँ।  बताओ अगर आपके जिंदगी में कोई दिक्कत हो तो मैं जरूर उसका निवारण करूंगा। “

आदमी बोला, ” बाबा बहुत दिनों से Try कर रहा हूँ, लेकिन काम में तरक्की नहीं हो रही है। आप ही कुछ बताएं। ”

 

 

 

 

बाबा ने कहा, ” बेटा, तुमने कभी भी अपनी पत्नी के खाने की तारीफ़ नहीं की है, इसीलिए तरक्की नहीं हो रही है। खाने की  तारीफ़ करो।  Success जरूर मिलेगी। “

 

 

 

 

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आदमी ने बाबा को धन्यवाद किया और घर की तरफ चल दिया। घर पर पत्नी ने खाना परोसा।  खाना खाते समय उसे बाबा की बात याद आ गयी और उसने खाने की खूब तारीफ़ की।

 

 

 

इस पर उसकी पत्नी इतना गुस्सा आया कि उसने बेलन निकाला और पति की पिटाई शुरू कर दी। इसपर आदमी ने कहा, ” क्या हुआ ? मैं तो खाने की तारीफ़ कर रहा हूँ। ”

 

 

 

इसपर पत्नी ने गुस्से से कहा, ” २० साल तक खाने की तारीफ़ नहीं की और आज जब पड़ोसन खाना दे गयी तो तुम तारीफ़ कर रहे हो ? “

 

 

 

 

Moral Of This Story – बिना जाने – समझे किसी की तारीफ़ करना बहुत मंहगा पड़ता है। 

 

 

 

 

हमेशा एक Option रखो 

 

 

 

 

२- मित्रों हमेशा ही अपने दिमाग को खुला रखो और एक Option हमेशा ही अपने पास अतिरिक्त रखो। आप जरूर ही हर मुसीबत से पार पा लोगे।  आज की कहानी इसी पर आधारित है। 

 

 

 

 

एक आदमी गाडी को तेज रफ़्तार से चलाता हुआ पकड़ा गया।  पुलिस वाले ने उससे कहा, ” इतनी तेज गाडी क्यों चलाते हो ? तुम्हारी चालान कटेगी। “

 

 

 

 

 

आदमी ने कहा, ” अरे साहब, मुझे छोड़ दो।  मैं एक डकैती के मामले से भाग रहा हूँ, इसलिए तेजी से गाडी चला रहा था। ” इसपर पुलिस ने कहा, ” डकैती ?  तुम्हारे साथ किसने डकैती करने की कोशिश की ? ”

 

 

 

 

आदमी ने कहा, ” नहीं साहब।  डकैत तो मैं ही हूँ।  चोरी का माल पीछे गाडी की डिग्गी में रखा हुआ है। ” पुलिस वाले ने कहा, ” अबे क्या बक रहा है ? ”

 

 

 

 

वह पुलिस वाला गाडी के अंदर झांकने की कोशिश की तो उस आदमी ने कहा, ” साहब दूर ही रहो।  उसमे खतरनाक चीजे भी हैं। ” इस पर पुलिस वाले ने कंट्रोल रूम में फोन किया और पुलिस को बुला लिया।

 

 

 

 

पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसे थाने ले गयी। इन्स्पेक्टर (  Inspector )  उस आदमी के पास आकर बोला, ” दरोगा ने बताया कि तुम्हारे गाडी में लूट का सामान है और खतरनाक चीज है, लेकिन उसमे तो ऐसी कोई चीज नहीं मिली। ”

 

 

 

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इसपर वह आदमी बोला, ” साहब तब तो उसने यह भी बोला होगा कि मैं तेज रफ़्तार से गाडी चला रहा था। ” इसपर इन्स्पेक्टर ने कहा, ” हाँ, लेकिन तुम्हे कैसे पता ? ”

 

 

 

”  अरे साहेब वह झूठ बोल रहा है और मुझे फंसाना चाहता है। ” उस आदमी ने कहा।  इसके बाद इन्स्पेक्टर ने उस आदमी को छोड़ दिया।

 

 

 

 

Hindi Funny Motivational Story Reading 

 

 

 

 

 

३-  मेडिकल कॉलेज इंजीनियर कॉलेज के छात्र एक साथ छुट्टियाँ  मनाने  के लिए वाटरफॉल गए। वाटरफॉल ( Waterfall ) का पानी बहुत ठंडा था।

 

 

 

 

तभी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने इंजीनियर कॉलेज के प्रिंसिपल से कहा – देखो मेरे छात्र बहुत साहसी है। इसपर इंजीनियर कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा – कैसे ? मुझे आप साबित करके दिखाओ।

 

 

 

 

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने अपने कुछ छात्रों को बुलाया और उनसे कहा – तुम लोग जल्दी से इस ठन्डे पानी जम्प लगाओ।  छात्रो ने आव देखा ना ताव और कूद गए …

 

 

 

 

इसपर मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल ने कहा, ” देखा आपने, हमारे छात्र कितने हिम्मती हैं। ” इसपर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा, ” मैं भी दिखाता हूँ कि मेरे छात्र कितने हिम्मती हैं। ”

 

 

 

इतना कहकर उसने भी छात्रों से कहा, ” पानी में जम्प लगा दो बच्चो।  ”

 

 

 

इसपर इंजीनियरिंग के छात्रो ने कहा, ” अरे पगला गए हो क्या सर ? इसमें तो हम जम ही जाएंगे। ” तब इंजीनियरिंग कालेज के प्रिंसिपल ने कहा, ” देखा आपने, हमारे छात्र कितने हिम्मती हैं।  वे मुझे भी मना कर सकते हैं।

 

 

 

अच्छी सोच रखो 

 

 

 

 

4- मित्रों कभी भी किसी की बुराई नहीं सोचनी चाहिए।  अगर आप दूसरों के बारे में बुरा सोचोगे तो आपके साथ भी बुरा ही होगा।  मित्रों हमेशा अपने विचार अच्छे रखो।  आज की मोटिवेशनल हिंदी फनी कहानी इसी पर आधारित है। 

 

 

 

 

एक गाँव में साप्ताहिक बाज़ार लगती थी, उसमें घर – गृहस्थी से जुडी हर एक सामान वहाँ मिलती थी।  आज – पास के गाँव से भी लोग उस बाज़ार से सामान लेने आते थे। इससे उस बाज़ार में बहुत अधिक खरीदारी होती थी और व्यापारियों को भी खूब फायदा होता था।

 

 

 

 

दुकानदान भी बैलगाड़ी, ऊंट, खच्चर पर खूब सामान लादकर बाज़ार में बेचने के लिए लाते थे। उसी गाँव में एक सब्जीवाला और कुम्हार रहते थे।  वे भी अपना सामान उस बाज़ार में ले जाकर बेचते थे।

 

 

 

 

सब्जीवाला बाजार में सब्जी सिर पर लाकर बाज़ार में बेचता था, लेकिन उस कुम्हार को सामान लाने के लिए उसे काफी किफायत करनी पड़ती थी।  उसे अपने मिटटी के बर्तन को टूटते से बजाने के लिए बहुत जतन करना पड़ना था, इसलिए उसे मुनाफ़ा बहुत कम होता था।

 

 

 

 

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उसी गाँव में एक ऊँटवाला भी रहता था।  सब्जीवाले और कुम्हार ने सोचा, ” हम अपना सामान इस ऊंट पर लादकर ले जाएंगे और भाड़ा आधा – आधा दे देंगे।  इससे हम अधिक सामान ले जाएंगे और सामान भी सुरक्षित ही रहेगा।  ”

 

 

 

उन्होंने ऊँटवाले से इस बारे में बात की तो ऊँटवाला भी तैयार हो गया।  उसे भी दो पैसे भाड़े में मिलने थे। बाज़ार वाले दिन सब्जीवाले ने एक तरफ सब्जी लादी और कुम्हार ने दूसरी तरफ मिट्टी के बर्तन।

 

 

 

ऊँटवाला ऊंट की रस्सी पकड़कर आगे – आगे चलने लगा। कुछ दूर चलने के बाद ऊंट ने अपनी गर्दन घुमाई तो उसे सब्जियों के हरे – हरे पत्ते दिखाई दिए।  उसकी गले की रस्सी बड़ी थी सो उसने फ़टाफ़ट सब्जियां खा लीं।

 

 

 

यह देखकर सब्जीवाले को बड़ा ही दुःख हुआ।  उसने तुरंत ही ऊँटवाले से कहा, ” भैया, ऊंट की डोरी जाए खींचकर रखो।  यह सब्जियां खा रहा है।  इससे तो बाज़ार पहुंचते – पहुंचते पूरी सब्जी ही खराब हो जायेगी।  ”

 

 

 

ऊँटवाले ने भी देखा कि ऊंट सब्जियां खा रहा है तो उसने डोरी खींचकर पकड़ लिया, परन्तु ऊंट को तो उसकी मनपसंद चीज का स्वाद मिल गया था तो वह कैसे शांत रहता।

 

 

 

वह बार – बार थोड़ी – थोड़ी सब्जियां खाता रहता था, हालांकि ऊँटवाला बहुत कोशिश करता, परन्तु जब भी ऊंट मौक़ा पाता सब्जी खा लेता था। यह देखकर कुम्हार को बड़ा ही मज़ा आ रहा था।  वह मन ही मन बहुत ही खुश हो रहा था। वह सब्जीवाले का मजाक उड़ाने लगा।

 

 

 

इसपर सब्जीवाले ने कहा, ” अब देखते हैं ऊंट किस करवट बैठता है ? ” ऊंट थोड़ा – थोड़ा करके सब्जियां खाता रहा और इस तरह से सब्जियों का भार काम होता चला गया और दूसरी तरफ का वजन अधिक होता गया।

 

 

 

यह देखकर कुम्हार को बड़ी चिंता हुई।  किसी तरह से वे बाज़ार पहुंचे और उसके बाद कुम्हार कई तरह के जतन करने लगा कि ऊंट बर्तन की तरफ ना बैठे।

 

 

 

 

परन्तु वजन अधिक होने के कारण ऊंट बर्तन की तरफ ही बैठ गया और सारे बर्तन टूट गए।  बेचारा कुम्हार सिर पर हाथ रखकर वहीँ बैठ गया।

 

 

 

 

Moral Of This Story:- दूसरों का नुकसान होते देखकर खुश नहीं होना चाहिए। वह नुक्सान अपने साथ भी हो सकता है। 

 

 

 

 

 

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