Complete Panchatantra Stories in Hindi

Complete Panchatantra Stories in Hindi / संपूर्ण पंचतंत्र कहानियां हिंदी में

 Complete Panchatantra Stories in Hindi मित्रों इस पोस्ट में पंचतंत्र की बहुत शिक्षाप्रद हिंदी कहानियां दी गयी हैं।  आप इसे जरूर पढ़ें।

 

 

 

 

Complete Panchatantra Stories in Hindi With Moral ( बकरी की चालाकी ) 

 

 

 

 

 

1- एक किसान के पास एक बकरी थी, उसके तीन बच्चे थे। सभी का जीवन मजे में बीत रहा था। किसान बकरी को हरा चारा देता था। बकरी अपने बच्चों के साथ आराम से पेट भर लेती थी। एक बार किसान अपने लड़के से कह रहा था, ” जंगल में  ढेर सारा हरा चारा मिलता है।” यह बात बकरी का एक बच्चा सुन रहा था। वह बहुत ही चंचल और नटखट था।

 

 

 

 

 

उसने सोचा, ”  चलकर जंगल में हरा चारा देख आता हूँ, फिर रोज ही आकर हरा चारा खा लिया करूँगा। ”  बच्चा छोटा था, उसे जंगल के बारे में कुछ नहीं पता था।

 

 

 

 

बकरी की चालाकी हिंदी पंचतंत्र कहानी 

 

 

 

 

वह जंगल की तरफ चला गया। उसे रास्ते में चार भेड़ियों ने घेर लिया। बकरी का बच्चा डर के मारे कांप रहा था और अपनी माँ को आवाज लगा रहा था।

 

 

 

 

 

उधर बकरी ने देखा उसका बच्चा कम है, तो वह सोचने लगी बच्चा कहां गया होगा ? उसे जंगल से अपने बच्चे की आवाज सुनाई दे रही थी। वह जंगल की तरफ भागी, जंगल में उसका बच्चा चार भेड़ियों से घिरा हुआ था। बकरी को सामने देखकर चारो भेड़िये खुश हो गए और कहने लगे, “आज हम लोगों को बहुत बढ़ियां शिकार मिला है।”

 

 

 

 

बकरी चारो भेड़ियों को देखकर बिलकुल भी नहीं घबराई और डटकर बोली, “अरे भेड़ियों क्या तुम्हे शेर से डर नहीं लगता ? शेर ने हमें यहां रुकने के लिए कहा है। इसलिए मैं अपने बच्चे के साथ यहां रुकी हूँ। वह आने के बाद हमारा शिकार करेगा। अगर तुम लोग हमें मार दोगे तो शेर तुम लोगों का शिकार कर लेगा। अगर तुम लोगों को हमारी बात पर विश्वास नहीं है तो देखो उसने हमारी निगरानी के लिए हाथी को लगा रखा है। वह सब बात शेर को बता देगा। इसके बाद क्या होगा तुम खुद जानते हो।”

 

 

 

 

 

चारो भेड़ियों ने देखा तो हाथी थोड़ी दूर पर खड़ा था। उन्हें बकरी की बात सही लगी और शेर के डर से चारो भेड़िये भाग निकले। अभी बकरी थोड़ी ही दूर चली थी कि सामने से उछलता हुआ शेर आ धमका, लेकिन बकरी बिलकुल नहीं घबराई।

 

 

 

 

उसने शेर से कहा, “महाराज मैं अपने बच्चे के साथ यहां आपकी शेरनी के कहने पर ही रुकी हूँ। शेरनी आपके लिए हम दोनों का शिकार करने वाली है उसने हम दोनों की निगरानी के लिए कौवे को रख छोड़ा है।”

 

 

 

 

शेर ने देखा एक कौवा छोटे से टीले पर बैठा था। शेर ने उसे भागना चाहा तो वह उड़कर थोड़ी दूर पर बैठ गया। अब शेर को बकरी की बातों पर विश्वास हो गया और वह चला गया।

 

 

 

बकरी अपने बच्चे के साथ फिर अपने घर के तरफ भागी तो सामने शेरनी आती हुई दिखी। शेरनी ने कहा, “आज मैं तुम लोगों का शिकार अवश्य ही करूंगी।”

 

 

 

 

 

इसपर बकरी ने कहा, “पहले हमारी बात तो सुन लो, मै यहाँ शेर के कहने पर ही रुकी हूँ। शेर ने कहा है, मैं अभी आकर तुम दोनों का शिकार करके अपनी शेरनी के लिए ले जाऊंगा। उसने हमारी निगरानी के लिए खरगोश को लगा दिया है।” शेरनी ने देखा खरगोश दूर खड़ा देख रहा था। उसे बकरी की बातों पर विश्वास हो गया, वह चली गई। बकरी अपने बच्चे के साथ दौड़ती हुई किसान के घर पहुंच गई और चालाकी से अपने बच्चे को बचा लिया।

 

 

 

 

Moral Of This Story – हमेशा सतर्क और चालाकी से रहना चाहिए।  सही समय पर लिया गया सटीक निर्णय आपको खतरे से बचा सकता है। 

 

 

 

 

 

खरगोश और कछुआ की दौड़ Panchatantra Stories in Hindi 

 

 

 

 

 

2- एक जंगल में एक खरगोश रहता था। उसे अपने दौड़ पर बहुत ही घमंड था, क्योंकि वह बहुत ही तेज दौड़ता था। उसने अपने मित्र कछुए से प्रस्ताव रखा। खरगोश कछुआ से बोला, “ मित्र सामने पहाड़ी पर जो सबसे पहले पहुँच जायेगा वह विजेता बनेगा।”

 

 

 

 

 

कछुआ को अपने ऊपर भरोसा था।  उसने खरगोश की बात मान ली। कछुआ और खरगोश की दौड़ देखने के लिए जंगल के सारे जीव-जंतु आये हुए थे। दौड़ प्रारंभ हुई, खरगोश तेजी से दौड़ा काफी दूर आने पर उसने पीछे मुड़कर देखा तो कछुआ कहीं दिखाई नहीं दिया।

 

 

 

 

 

खरगोश थका हुआ था। एक पेड़ के नीचे आराम करने लगा। ठंडी हवा और थकान के कारण उसे नींद आ गयी थी। कछुआ धीरे-धीरे चलता हुआ खरगोश को पीछे छोड़ दिया और पहाड़ी के निश्चित स्थान पर पहुँच गया।

 

 

 

 

खरगोश की नींद टूटी तो वह तेजी से दौड़ा, लेकिन लेकिन उसे कोई फायदा नहीं हुआ। कछुआ उससे पहले  ही पहुँच चुका था। खरगोश ने अपनी हार स्वीकार कर ली।

 

 

 

 

Moral Of This Story – निरंतर चलते रहना अर्थात निरंतर काम करना ही सफलता की निशानी है।  

 

 

 

बन्दर और शेर की कहानी 

 

 

 

 

3 – एक जंगल में बहुत बड़ी गुफा थी। उस गुफा में पांच बन्दर साथ-साथ रहते थे। एक दिन एक शेर आया। उसके साथ एक सियार भी था, दोनों में दोस्ती थी।

 

 

 

शेर को देखकर बंदर भाग खड़े हुए और दूर से बहस करने लगे। बंदरों ने शेर से कहा, “यह हमारी गुफा है। हम यहां पहले से ही रहते है। तुम लोग चले जाओ यहां से।”

 

 

 

 

 

शेर कुछ कहता उससे पहले ही सियार ने कहा, “हम लोग गुफा में ही रहते है। तुम लोग पेड़ पर रहते हो, इसलिए तुम लोग गुफा से भाग जाओ।” शेर ने सियार की बात का ही समर्थन किया। दोनों गुफा में रहने लगे और बंदरों ने पेड़ पर अपना ठिकाना बना लिया। लेकिन वह लोग शेर और सियार को सबक सिखाने का मौका ढूंढ रहे थे।

 

 

 

 

शेर ने सियार को आदेश दिया, ” मैं शिकार करने जा रहा हूँ, तुम हमारे लिए पानी का इंतजाम करके रखो।” सियार एक बड़े से हौद में पानी भर लाया।

 

 

 

 

बंदरों ने हौद में भरा हुआ पानी देखा तो उन्होंने एक पाइप के सहारे पूरा पानी हौद से पहाड़ी के नीचे गिरा दिया। शेर आया उसे प्यास लगी हुई थी लेकिन पानी नहीं मिला। वह सियार को डांटने लगा। यही क्रम तीन-चार दिन तक चलता रहा।

 

 

 

 

एक दिन सियार पानी भर कर लाया और शेर के साथ गुफा में छुप गया। बंदरों ने अपना कार्यक्रम चालू कर दिया, लेकिन शेर को देखते ही पाइप लेकर भाग खड़े हुए।

 

 

 

 

अब शेर ने देर तक शिकार करना छोड़ दिया था क्योंकि बन्दर जो पानी गिराते थे। उसके कारण नीचे घाटी में हरी घास उग आयी थी। जिसे खाने के लिए बहुत से जानवर आते थे। शेर चुपके से जाता और कुछ ही पल में शिकार लेकर आ जाता था।

 

 

 

 

 

बंदरों को बड़ी हैरानी हुई। उन लोगों ने शेर से पूछा, “इतनी जल्दी से शिकार कहां से मिल जाता है ?” शेर ने बंदरों को पूरी बात बताई। अब बंदरों ने शेर और सियार से दोस्ती कर ली थी। सभी लोग आराम से रहने लगे।

 

 

 

 

Moral Of This Story – कभी-कभी परेशानी में भी फायदा हो जाता है।

 

 

 

1- बकरी की चालाकी ( Goat Story in Hindi )

 

2- खरगोश और कछुआ की कहानी

 

3- बन्दर और शेर की कहानी

 

4- आम और पपीता की कहानी

 

5-  घोड़ा और उसका मालिक 

 

6- Wolf And Shepherd Boy Panchatantra Story Hindi / भेड़ और चरवाहे की कहानी

 

7- Rabbit And Monkey Panchatantra Story Hindi / खरगोश और बंदर की कहानी

 

8- Panchatantra Ki Kahani in Hindi / पंचतंत्र की कहानियां हिंदी में

 

9- Crocodile And Monkey Story in Hindi / बन्दर और मगरमच्छ की कहानी

 

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