Sunday, 09 August, 2020

Akbar Birbal Stories in Hindi Pdf / अकबर बीरबल की हिंदी कहानियां


Akbar Birbal Stories in Hindi Pdf

Akbar Birbal Stories in Hindi Pdf मित्रों  इस पोस्ट में Akbar Birbal Stories in Hindi Pdf Download की कहानियां दी गयी हैं।  सभी अकबर बीरबल की कहानियां बहुत ही मजेदार हैं।  आप इसे जरूर पढ़ें। आप अकबर बीरबल की मजेदार कहानी Pdf में यहां Download करें।

 

 

 

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बादशाह अकबर को घुड़सवारी का बड़ा शौक था।  अगर उन्हें कोई घोड़ा पसंद आ जाता तो वह उसकी मुंहमांगा कीमत देकर खरीद ले लेते थे।

 

 

 

 

दूर –  दराज के घोड़ो के व्यापारी अपने घोड़ों को बेचने के लिए राज्य में आते थे।  बादशाह अपने लिए और सेना के लिए अच्छे घोड़े खरीद लेते थे। उनके दरबार में घोड़ो का अच्छा व्यापार होता था।

 

 

बीरबल की हिंदी कहानी 

 

 

 

 

एक दिन घोड़ों का एक नया व्यापारी दरबार में आया। अन्य व्यापारी भी उसे नहीं जानते थे। उसके पास दो बहुत ही बेहतरीन घोड़े थे।  बादशाह को दोनों ही घोड़े बेहद पसंद आये और उन्होंने अच्छी कीमत पर दोनों ही घोड़े खरीद लिए।

 

 

 

 

इसपर उस व्यापारी ने कहा, ” मैं ऐसे ही सौ घोड़े और भी लाकर दे सकता हूँ, लेकिन मेरी एक शर्त है।  मुझे आधी कीमत बतौर पेशगी दी जाए। .”

 

 

 

 

 

बादशाह को वे दोनों घोड़े बहुत ही पसंद आये थे सो उन्होंने  तुरंत ही खजांची को बुलाकर व्यापारी को आधी रकम देने को कहा।  हालांकि खजांची को यह बात जमी नहीं, लेकिन अब बादशाह का आदेश था तो पालन तो करना ही था।

 

 

 

 

सभी लोग चाह रहे थे कि बीरबल यह मुद्दा उठायें।  बीरबल ( Birbal ) भी इस सौदे से खुश नहीं थे। बीरबल ने तुरंत ही कहा, ” हुजूर इस तरह से किसी को पैसा देना ठीक नहीं है। ”

 

 

 

 

अकबर ( Akbar ) को यह बात बहुत बुरी लगी। उन्होंने सोचा, ” बीरबल ने विदेशी मेहमान के सामने मेरी बात काटकर मेरा अपमान करने की जुर्रत की है।  उसे इसकी सजा भी मिलनी चाहिए। ”

 

 

 

 

उन्होंने गुस्से से कहा, ” बीरबल तुम अपनी हद पार कर रहे हो। तुमने मेरी बात काटने की हिम्मत कैसे की ? “

 

 

 

 

” क्षमा करें, बादशाह सलामत।  लेकिन आप ही बताइये एक ऐसे व्यापारी को, जिसे कोई नहीं जानता।  यहाँ तक कि इसे व्यापारी तक ठीक से नहीं जानते।  क्या ऐसे व्यापारी को इतनी बड़ी रकम एक साथ में देना ठीक है ? हो सकता है यह व्यापारी वापस ही ना लौटे, फिर हम इसे कहाँ ढूढ़ने जायेगें ? ” बीरबल ने कहा।

 

 

 

 

अकबर को बात समझ में आ गयी।  उन्होंने तुरंत ही खजांची को रकम देने से रोक दिया और उस व्यापारी को वापस लौटा दिया।

 

 

 

 

Akbar Birbal Moral  Stories in Hindi Pdf ( अकबर बीरबल की मजेदार हिंदी कहानी ) 

 

 

 

 

 

2- अकबर ( Akbar ) के दरबार में जोरो का शोर होने लगा।  सभी लोग कह रहे थे, ” बीरबल बदमाश हैं, चोर है, इसे दंड दो। ” इतना भारी जनमत दे खकर अकबर ने बीरबल को फांसी पर चढाने का आदेश दे दिया।

 

 

 

 

बीरबल ( Birbal ) यह सुनकर हैरान हो गए।  उन्होंने फांसी के पहले अपनी अंतिम बात कहने की इज़ाज़त मांगी।  अकबर ने उन्हें इज़ाज़त दे दी।  उसके बाद बीरबल ने कहा, ” मैंने सारी बाते आप लोगों को बता दी, लेकिन एक विद्या मैं अभी तक आप लोगों को बता नहीं पाया हूँ। मुझे मोती बनाने की कला पता है।  मै चाहता हूँ कि आप लोग भी यह बात जान जाएँ, जिससे आप लोगों का बहुत फ़ायदा हो। ”

 

 

 

 

” क्या तुम्हे यह सब पता है।  अगर यह सच है तो मैं इसे जरूर सीखना चाहूँगा। ” अकबर ने कहा। बीरबल ने फिर कहा, ” मुझे कुछ ख़ास जगहों की आवश्यकता है।

 

 

 

 

उसके बाद उन्होंने कुछ विशेष महलों को गिराने की दरख़्वास्त की।  वे सभी महल उन दरबारियों के थे, जिन्होंने उनके खिलाफ शिकायत की थी। उसके बाद उन्होंने वहाँ जौ बो दिए।  और सभी से कहा, ” कृपया यहां ना जाए, अन्यथा यह मोती नहीं उगेंगे। ”

 

 

 

 

कुछ दिन बाद उन्होंने सभी दरबारियों से कहा, ” अगले दिन मोती उग जाएंगे।  आप  दरबार में जरूर आएं। ” लोगों के बीच में कौतुहल बढ़ गया।  लोग बड़े हैरान थे।

 

 

 

 

अगले दिन सभी लोग दरबार में आये।  बीरबल ने कहा, ” आप लोगों में से जो निरपराधी हैं, कभी कोई अपराध नहीं किया है, दूध का धुला हो, वह उस बाड़े में जाए और मोतियों को काट लाये, लेकिन यह याद रहे अगर आपने कोई भी पाप किया होगा तो मोती ख़त्म हो जाएंगे। ”

 

 

 

 

सब एक दूसरे का मुंह देखने लगे।  कोई आगे बढ़ने को तैयार नहीं था। बादशाह समझ गए कि गलतियां सभी से होती हैं और उन्होंने बीरबल को मुक्त कर दिया।

 

 

 

 

Moral- किसी को भी दोषी सिद्ध करने के पहले उसकी भलीभांति जांच कर लेनी चाहिए। 

 

 

 

अकबर बीरबल हिंदी कहानी 

 

 

 

 

 

3- एक दिन अकबर बीरबल के साथ महल के बाग़ में घूम रहे थे।  उन्होंने ऊपर आकाश में कुछ कौवों को उड़ते हुए देखा।  अचानक उनके मन में कुछ विचार आया और उन्होंने बीरबल से पूछा, ” बीरबल यह बताओ, हमारे राज्य में कितने कौवे हैं ? ”

 

 

 

 

बीरबल ( Birbal )  ने कुछ देर तक उँगलियों पर हिसाब लगाया और उसके बाद उन्होंने कहा, ” हुजूर, हमारे राज्य में कुल ८२५५५ कौवे हैं।  ” इसपर अकबर ( Akbar )  ने कहा, ” तुम इतने विश्वास से कैसे कह सकते हो ? ”

 

 

 

 

” हुजूर, आपको ना विश्वास हो तो खुद ही गिन सकते हैं या फिर किसी से गिनवा सकते हैं ? ” बीरबल ने कहा।  अकबर को इसी बात का अंदेशा था।  उन्होंने तपाक से कहा, ” अगर कुछ कम या ज्यादा हुए तो ? ”

 

 

 

 

इसपर बीरबल ने कहा, ” तो इसका मतलब यह हुआ कि कुछ कौए अपने रिश्तेदारों से मिलने दूसरे राज्य में गए  होंगी या फिर उनके कुछ रिश्तेदार उनसे मिलने राज्य में आये होंगे। ” अकबर ने कुछ नहीं बोला, सिर्फ मुस्कुराने लगे।

 

 

 

 

Akbar Birbal Short Stories in Hindi Pdf 

 

 

 

 

4- एक दिन बादशाह अकबर के दरबार में एक आदमी नौकरी माँगने आया।  बादशाह ने उससे बात की और उसके बाद उसे चुंगी अधिकारी बना दिया।

 

 

 

 

बीरबल भी वहीँ बैठे थे।  उन्होंने उस आदमी की बातों से पकड़ लिया कि यह चापलूस है और बेईमानी जरूर करेगा। कुछ दिनों बाद उस  आदमी की शिकायते दरबार में आने लगी।

 

 

 

 

 

बादशाह ने अब उसका तबादला  ऐसी जगह करने का फैसला लिया, जहां वह किसी भी प्रकार की बेईमानी ना कर सके।  उन्होंने उसे घुड़साल का मुंशी बना दिया।  यहां पर उसका काम घोड़ों की लीद उठवाना था।

 

 

 

 

उसकी तो घुस लेने की आदत थी।  उसने  वहाँ भी घुस लेना शुरू कर दिया।  उसने वहाँ साईसों  से कहा, ” तुम लोग घोड़ों को खाना कम खिलाते हो, इसलिए मुझे लीद तौलने के लिए भेजा गया है।  अगर तुम्हारी लीद तौल में कम हुई तो मैं बादशाह से शिकायत कर दूंगा।  ”  इस तरह से उसने यहां भी पैसे बनाने शुरू कर दिए।

 

 

 

 

जब इस बात का पता बादशाह को चला तो बादशाह ने उस आदमी को यमुना की लहरें गिनने का काम दे दिया। उन्होंने सोचा, ” अब यह यहां पर घुस  ले पायेगा। ”

 

 

 

 

लेकिन वह आदमी कहाँ मानने वाला था। उसने यमुना में नावों को यह कहकर रोकना आरम्भ कर दिया कि हम लहरें गिन रहे हैं।  अब नावों को काफी समय तक रुकना पड़ता था।  नाव वाले बेचारे तंग आ गए। उन्होंने मुंशीजी को दस रुपये देना आरम्भ कर दिया।

 

 

 

 

अब जब बादशाह को इस बात का पता लगा तो उन्होंने उस आदमी को गिरफ्तार करवाकर कारागृह में डलवा दिया।

 

 

 

 

 

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